रियल एस्टेट कमीशन स्प्लिट कैलकुलेटर
जब दो एजेंसियाँ मिलकर कोई डील कराती हैं, या कोई एजेंट किसी फर्म के अंदर काम करता है, तो ब्रोकरेज कई हिस्सों में बँटती है और व्यक्तियों को दिए गए कमीशन पर 5% TDS (धारा 194H, साल में ₹20,000 से ऊपर) कटता है। यह टूल क्लाइंट के भुगतान से लेकर हर व्यक्ति की नेट रकम तक का पूरा प्रवाह दिखाता है।
- को-ब्रोकर का हिस्सा
- ₹60,000
- रेफरल पार्टनर
- ₹6,000
- एजेंट से पहले आपकी फर्म का हिस्सा
- ₹54,000
- एजेंट कमीशन (TDS से पहले)
- ₹32,400
- कटा हुआ TDS (एजेंट को क्रेडिट मिलता है)
- ₹1,620
- फर्म के पास बचा
- ₹21,600
इस गणना का लिंक कॉपी करें · JSON API · अनुमान; नीचे दिए स्रोत से दरें जाँचें।
गणना कैसे होती है
कुल ब्रोकरेज → को-ब्रोकर का हिस्सा → बचे हिस्से पर रेफरल शेयर → फर्म का हिस्सा → एजेंट का प्रतिशत → धारा 194H के तहत 5% TDS (सीमा: प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष ₹20,000) → एजेंट की नेट रकम। GST, अगर लगता है, क्लाइंट के इनवॉइस पर वसूला जाकर आगे जमा होता है, इसलिए यहाँ शामिल नहीं है।
उदाहरण
₹1.2 लाख ब्रोकरेज को-ब्रोकर के साथ 50:50 बाँटने पर ₹60,000 बचते हैं; 10% रेफरल के ₹6,000 गए; फर्म के ₹54,000 में से 60% एजेंट को (₹32,400), उसमें से 5% TDS (₹1,620) काटकर ₹30,780 एजेंट के हाथ में; फर्म के पास ₹21,600 रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत में एजेंट का कमीशन बँटवारा आम तौर पर कितना होता है?
फर्म के अंदर खुद लाई गई डील पर एजेंट को 50–70%; फर्म द्वारा दी गई लीड पर 30–50%; को-ब्रोकर के बीच बँटवारा आम तौर पर 50:50 होता है।
क्या एजेंट को दी गई ब्रोकरेज पर TDS कटता है?
हाँ, धारा 194H के तहत 5%, जब एक वित्तीय वर्ष में उस एजेंट को किया गया भुगतान ₹20,000 से ज़्यादा हो; एजेंट इसे अपने रिटर्न में क्लेम करता है।
रेफरल फीस कौन देता है?
डील पाने वाला ब्रोकर, अपने हिस्से में से, डील से पहले तय शर्तों के अनुसार; यह क्लाइंट से कभी नहीं ली जाती।
स्रोत और क्या जाँचें: Income-tax Act s.194H.
केवल अनुमान के लिए; यह वित्तीय, कानूनी या कर सलाह नहीं है। दरें अधिसूचना से बदलती हैं, भुगतान से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाँचें। यह पेज अंग्रेज़ी में: Real estate commission split calculator.